मुझे
यह समज में नहीं आ पा रहा हे की गुजरात में "शाला प्रवेश उत्सव" के मोके
पर बांटे गए बेग पर छपी "नरेंदर मोदी" की तस्वीर को लेकर हंगामा क्यूँ
खड़ा किया जा रहा हे । जब कांग्रेश "राजकीय प्राथमिक विधालयों, IT
सेन्टरों,रेलवे स्टेशनो आदि के नाम राजीव गाँधी के नाम पे रख सकती हे ।
इसके अलावा "आवास योजनावों" के नाम "इंद्रा आवास योजना,राजीव गाँधी आवास
योजना" रखा जा सकता हे । "राजस्थान नहर" का नाम "इन्द्रा नहर" रखा जा सकता
हे । तो फिर स्कुल बेग पर "नरेंद्र मोदी" का फोटो क्यूँ नहीं आ सकता हे ।
या फिर कांग्रेश ने "नाम और तस्वीरों" से प्रचार का पेटेंट करवा रखा हे ?
कांग्रेश तो इसे ऐसे ले रही हे जेसे की यह "नरेंदर मोदी" का फोटो न होकर
2014 में कांग्रेस की हार का "टिकट" हो ।